Reflection Of Light ( प्रकाश का परावर्तन )

Sr.No विवरण
1 अतिलघु उत्तरीय  प्रश्न
2 लघु उत्तरीय प्रश्न
3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
4 आंकिक प्रश्न

1.प्रकाश -, प्रकाश वह भौतिक  कारक (factor) है  जिसकी सहायता  से हम वस्तुओं को  देखते हैं। वास्तव में प्रकाश  जब वस्तुओं से  टकराकर हमारी आँख तक पहुँचता है तब ही  हम वस्तुओं को  देख पाते हैं।

2.प्रकाश स्त्रोत (Source Of Light)  :-जिस वस्तु से प्रकाश निकलता है, उसे प्रकाश-स्रोत (light source) कहा जाता है।

3 . प्रदीप्त वस्तुएँ-कुछ वस्तुएँ प्रकाश उत्सर्जित करती हैं वे वस्तुएँ जो प्रकाश उत्सर्जित करती हैं, प्रदीप्त या दीप्तिमान (luminous) वस्तुएँ कहलाती हैं।  जैसे-सूर्य, बिजली का जलता बल्ब, जलती मोमबत्ती आदि।

4 . अप्रदीप्त वस्तुएँ  :- कुछ वस्तुएँ प्रकाश उत्सर्जित नहीं करतीं वे वस्तुएँ जो स्वयं कोई प्रकाश उत्सर्जित नहीं करती, अप्रदीप्त (nonluminous) वस्तुएँ कहलाती हैं। ; जैसे-टेबुल, कुर्सी, पुस्तक, पौधे आदि।

5.प्रकाश जब सूक्ष्मकणों  पर पड़ता है, तो वे कण उन पर पड़ने वाले  प्रकाश  की कुछ ऊर्जा को अवशोषित (absorb) कर फिर उसे चारों ओर विकिरित करते हैं। इस  की क्रिया को प्रकाश का  प्रकीर्णन (scattering)  कहा जाता है।

6 . प्रकाश की किरणें-किसी प्रदीप्त पदार्थ  से प्रकाश सरल रेखा में सभी दिशाओं में जाता है। एक सरल रेखा पर चलनेवाले प्रकाश को प्रकाश की किरण (ray) कहते हैं।

  1. प्रकाश की किरणों के समूह को प्रकाश का  किरणपुंज  (beam) कहते हैं। मुख्यतः किरणपुंज तीन प्रकार  के होते हैं

(a) अपसारी किरणपुंज (diverging beam),

(b) समांतर किरणपुंज (parallel beam)

(c) अभिसारी किरणपुंज (converging beam)

(a) अपसारी किरणपुंज- इस प्रकार के किरणपुंज में प्रकाश की किरणें एक बिंदु-स्रोत से निकलकर फैलती चली जाती हैं

(b) समांतर किरणपुंज- ऐसे किरणपुंज मे प्रकाश की किरणें एक-दुसरें के समांतर होती है |

(c) अभिसारी किरणपुंज (converging beam):- इस प्रकार के किरणपुंज में प्रकाश की किरणें एक बिंदु पर आ कर मिलती है

9.प्रकाश का परावर्तन :– प्रकाश के किसी वस्तु से टकराकर लौटने को प्रकाश का परावर्तन कहते है |1 3

  1. आपतित किरण-किसी सतह पर पड़नेवाली किरण को आपतित किरण (incident ray) कहते हैं।
  2. आपतन बिंदु-जिस बिंदु पर आपतित किरण सतह से। टकराती है, उसे आपतन बिंदु (point of incidence) कहते हैं।
  3. परावर्तित किरण-जिस माध्यम (जैसे-हवा) में चलकर

आपतित किरण सतह पर आती है उसी माध्यम में लौट गई किरण को परावर्तित किरण (reflected ray) कहते हैं।
4. अभिलंब-किसी समतल सतह के किसी बिंदु पर खींचे हए लंब को उस बिंदु पर अभिलंब (normal) कहते हैं।

  1. आपतन कोण-आपतित किरण, आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब से जो कोण बनाती है, उसे आपतन कोण (angle of incidence) कहते हैं।
  2. परावर्तन कोण-परावर्तित किरण, आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब से जो कोण बनाती है, उसे परावर्तन कोण (angle of reflection) कहते हैं।
  3. प्रकाश के परावर्तन के निम्नलिखित दो नियम हैं।

(i)/आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन विंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही समतल में होते हैं।

(ii) आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है।

10.प्रतिबिम्ब :– किसी बिंद-स्रोत से आती प्रकाश की किरणें दर्पण से परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस विंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे उस बिंदु-स्रोत का प्रतिबिंब कहते हैं।

प्रतिबिंब दो प्रकार के होते हैं

(i) वास्तविक प्रतिबिंब (real image)

(ii) आभासी या काल्पनिक प्रतिबिंब (virtual image)

(i) वास्तविक प्रतिबिंब-किसी विंदु-स्रोत से आती प्रकाश की किरणें दर्पण से परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर वास्तव में मिलती हैं, उसे उस बिंदु-स्रोत का वास्तविक प्रतिबिंब कहते हैं। अतः, वास्तविक प्रतिबिंब पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है। वास्तविक प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा उलटा होता है।

(ii) आभासी प्रतिबिंब-किसी बिंदु-स्रोत से आती प्रकाश की किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे उस बिंदु-स्रोत का आभासी प्रतिबिंब कहते हैं। अत:,आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर नहीं प्राप्त किया जा सकता। आभासी प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा सीधा . होता है।

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