bihar board vvi question 2022 भारत में राष्ट्रवाद

bihar board vvi question 2022 भारत में राष्ट्रवाद

bihar board vvi question 2022 भारत में राष्ट्रवाद

बहुवैकल्पिक प्रश्न (1 अंक वाले):

प्रश्न 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?

  1. 1884
  2. 1882
  3. 1888
  4. 1885

उत्तर-(4) 1885

प्रश्न 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. दादाभाई नौरोजी
  2. सुरेन्द्र नाथ बनर्जी
  3. व्योमेश चन्द्र बैनर्जी
  4. गोपाल कृष्ण गोखले

उत्तर-(3) व्योमेश चन्द्र बनर्जी

प्रश्न 3. 1922 में महात्मा गांधी ने असहयोग आदोलन क्यों वापस लिया?

  1. अग्रेजी सरकार के दबाव में आकर
  2. भारतीय लोगों द्वारा सहयोग न मिलने के कारण
  3. चौरा-चौरी में हिसात्मक घटना के कारण
  4. उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर-(3) चौरा-चौरी में हिसात्मक घटना के कारण

प्रश्न 4. “हिंद स्वराज’ नामक पुस्तक की रचना किसके द्वारा की गयी?

  1. जवाहर लाल नेहरू
  2. डॉ राजेन्द्र प्रसाद
  3. रवीन्द्र नाथ टैगोर
  4. महात्मा गाँधी

उत्तर-(4) महात्मा गाँधी

प्रश्न 5. मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई?

  1. 1885 ई० में
  2. 1906 ई० में
  3. 1909 ई० में
  4. 1916 ई० में

उत्तर-(2) 1906 ई० में

प्रश्न 6. गाँधी जी ने किस वर्ष बिहार के चपास्न इलाके का दौरा किया?

  1. 1916 ई० में
  2. 1917 ई० में
  3. 1918 ई० में
  4. 1919 ई० में

उत्तर-(2) 1917 ई० में

प्रश्न 7. असहयोग खिलाफत आदोलन कब शुरू हुआ?

  1. जनवरी 1920
  2. जनवरी 1922
  3. जनवरी 1929
  4. जनवरी 1930

उत्तर-(1) जनवरी 1920

प्रश्न 8. असहयोग आंदोलन के दौरान अवध में किसानों का नेतृत्व किसने किया?

  1. जवाहर लाल नेहरू
  2. बाबा रामचन्द्र
  3. शौकत अली
  4. महात्मा गांधी

उत्तर-(2) बाबा रामचन्द्र

प्रश्न 9. आंध्र प्रदेश की गुडेम पहाड़ियों में आदिवासी किसानों के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?

  1. बाबा रामचन्द्र
  2. अल्लूरी सीताराम राजू
  3. अब्दुल गफ्फार खाँ
  4. सी रामचन्द्रन

उत्तर-(2) अल्लूरी सीताराम राजू

प्रश्न 10. किस दशक की शुरूआत में उग्र गुरिल्ला आदोलन फैला था?

  1. 1920 के दशक में
  2. 1910 के दशक में
  3. 1930 के दशक में
  4. 1940 के दशक में

उत्तर-(1) 1920 के दशक में

प्रश्न 11. ‘वन्देमातरम्’ राष्ट्रीय गीत किसने लिखा था?

  1. अबनीद्रनाथ टैगोर
  2. रवीन्द्रनाथ टैगोर
  3. बंकिम चंद्र चटर्जी
  4. मुहम्मद इकबाल

उत्तर-(2) रवीन्द्रनाथ टैगोर

प्रश्न 12. पूना पैक्ट क्या था?

  1. गाँधी जी और डॉ अम्बेडकर के बीच समझौता हुआ था।
  2. अंग्रेजों और मुहम्मद अली जिन्ना में बीच समझौता हुआ था।
  3. गाँधी जी और मुहम्मद अली जिन्ना के बीच समझौता हुआ था।
  4. उपर्युक्त में से कोई नही।

उत्तर-(1) गाँधी जी और डॉ अम्बेडकर के बीच समझौता हुआ था।

प्रश्न 13. डिस्कवर ऑफ इंडिया पुस्तक का लेखक कौन था?

  1. सुभाष चन्द्र बोस
  2. बाल गंगाधर तिलक
  3. जवाहर लाल नेहरू
  4. लाला लाजपत राय

उत्तर-(3) जवाहर लाल नेहरू

प्रश्न 14. अवनीद्रनाथ टैगोर कौन थे?

  1. राजनैतिक नेता
  2. वैज्ञानिक
  3. चित्रकार
  4. अर्थशास्त्री

उत्तर-(3) चित्रकार

प्रश्न 15. ‘द फोकलोर्स ऑफ सदर्न इंडिया’ किसने लिखी थी?

  1. अवनींद्रनाथ टैगोर
  2. रवीन्द्रनाथ टैगोर
  3. राजा रवि वर्मा
  4. नातेसा शास्त्री

उत्तर-(1) अवनींद्रनाथ टैगोर

प्रश्न 16. सन् 1929 में किस शहर में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी की स्थापना की गई थी?

  1. मुम्बई
  2. दिल्ली
  3. कलकत्ता
  4. मद्रास

उत्तर-(2) दिल्ली

प्रश्न 17. द फोकलोर्स ऑफ सदर्न इंडिया नामक लोककथाओं के संकलन वाली किताब निम्न में से किस भाषा में छापी गई थी?

  1. बंगाली
  2. तमिल
  3. कन्नड़
  4. उड़िया

उत्तर-(2) तमिल

प्रश्न 18. गाँधी जी ने सविनय अवज्ञा आदोलन का आरंभ किन महम्वपूर्ण घटनाओं के साथ किया ?

उत्तर-1) नमक कानून तोड़ कर 2) स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर व विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करके।

प्रश्न 19. किसके नेतृत्व में अवध किसान सभा का गठन किया गया ?

उत्तर- बाबा रामचंद्र

प्रश्न 20. साइमन कमीशन कब भारत पहुंचा व इसका विरोध क्यों हुआ?

उत्तर- यह 1927 में भारत पहुंचा। किसी भारतीय सदस्य को इसमें न शामिल किए जाने के कारण इसका विरोध हुआ।

प्रश्न 21. दक्षिण अफ्रीका से आने के बाद गाँधीजी ने किन स्थानों पर सत्याग्रह आदोलन चलाया?

उत्तर 1. चम्पारन 2. खेड़ा 3. अहमदाबाद

प्रश्न 22. मद्रास की नटेसा शास्त्री ने तमिल क किस विशाल सकलन की चार खंडों में प्रकाशित किया?

उत्तर- ‘द फोकलीस ऑफ सदन इंडिया’

प्रश्न 23. सत्याग्रह के विचार में किन दो बातों पर जोर दिया जाता है?

उत्तर 1. सत्य की शक्ति पर आग्रह

  1. सत्य की खोज

प्रश्न 24. रॉलेट एक्ट को काला कानून क्यों कहा गया ?

उत्तर- इस अन्यायपूर्ण एक्ट के द्वारा राजनैतिक कैदियों को बिना मुकदमा चलाए जेल में बंद रखने का अधिकार मिल गया।

प्रश्न 25. वंदे मातरम् गीत कब और किसने लिखा? इसमें किसका गुणगान किया गया है ?

उत्तर-1870 में बंकिम चन्द्र चटर्जी ने लिखा। इसमें भारत माता का गुणगान किया गया है।

प्रश्न 26. ब्रिटिश सरकार ने 1857 के पश्चात प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध क्यों लगा दिया?

उत्तर- भारतीय समाचार पत्रों द्वारा राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के कारण।

प्रश्न 27. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई और कहाँ?

उत्तर-1885 में

प्रश्न 28. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के पहले अध्यक्ष कौन थे? उत्तर- व्योमेश चन्द्र बनर्जी

प्रश्न 29. 1922 में महात्मा गांधी ने असहयोग आदोलन क्यों वापस लिया ?

उत्तर- चौरी-चौरा में हिंसात्मक घटना के कारण

प्रश्न 30. ‘हिंद स्वराज’ नामक पुस्तक की रचना किसके द्वारा की गई?

उत्तर- महात्मा गाँधी

प्रश्न 31. मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई ?

उत्तर-1906 में

प्रश्न 32. गाँधी जी ने किस वर्ष बिहार के चपास्न इलाके का दौरान किया ?

उत्तर-1917 ई में

प्रश्न 33. असहयोग व खिलाफत आदोलन कब शुरू हुआ?

उत्तर-जनवरी 1920 ई. में

प्रश्न 34. असहयोग आंदोलन के दौरान अवध में किसानों का नेतृत्व किसने किया ?

उत्तर- बाबा रामचन्द्र

प्रश्न 35. आध्र प्रदेश की मूडेम पहाड़ियों में आदिवासी किसानों के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?

उत्तर- अल्लूरी सीताराम राजू

प्रश्न 36. किस दशक की शुरूआत में उग्र गुरिल्ला आदोलन फैला था ?

उत्तर-1920 के दशक में

प्रश्न 37. पूना पैक्ट किनके बीच हुआ था ?

 उत्तर- गाँधी जी और डा. अम्बेडकर के बीच समझौता हुआ।

प्रश्न 38. डिस्कवरी ऑफ इंडिया पुस्तक का लेखक कौन था ? उत्तर- जवाहर लाल नेहरू

प्रश्न 39. अवनीद्रनाथ टैगोर कौन थे?

उत्तर- चित्रकार

पश्न 40. खिलाफत आन्दोलन किसने शुरू किया था ?

उत्तर- अली भाइयों (मुहम्मद अली, शौकत अली)

प्रश्न 41. साइमन कमीशन भारत कब पहुंचा था?

उत्तर-1928

लघुउत्तर वाले प्रश्न (3/5 अंक):प्रश्न

1.- असहयोग आंदोलन के किन्ही तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए?

उत्तर

  1. खिलाफत तथा असहयोग आदोलन एक साथ चलाया जाय। 2. इसको अलग-अलग चरणों में चलाना।
  2. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार स्वदेशी वस्तु अपनाना
  3. अंग्रेजों द्वारा दी गयी उपाधि को वापस करना।
  4. सरकारी कार्यालय स्कूल आदि को छोड़ना।

प्रश्न 2. खिलाफत आदोलन को प्रारम्भ करने के प्रमुख कारण कौन से थे?

उत्तर

  1. तुर्की साम्राज्य (खलीफा) का अंग्रेजों द्वारा अपमान
  2. लखनऊ समझौते (1916) के बाद कांग्रेस के साथ मुस्लिम लीग का समझौता
  3. असहयोग आंदोलन कांगेस द्वारा आरभ होना तथा मुसलमानों का मिलकर खिलाफत आंदोलन के साथ करना।

प्रश्न 3. असम में बागान मजदूरों के लिए स्वराज की अवधारणा क्या थी?

उत्तर

  1. अनुबंध के नियमों का उल्लंघन।
  2. चाय बगानों से बाहर निकलना।
  3. असहयोग आदोलन में सम्मिलित होना।
  4. कृषि भूमि तथा सुख-साधनों को प्राप्त करना। प्र

श्न 4. भारतीयों ने साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया? उत्तर

  1. समय से पहले गठन करना।
  2. शासन में सुधार जैसी कोई बात नहीं।
  3. एक भी भारतीय को इसमें सम्मिलित नही किया गया।

प्रश्न 5. भारत के लोग रॉलट एक्ट के विरोध में क्यों थे?

उत्तर

  1. यह एक काला कानून था।
  2. इस कानून के अंतर्गत किसी को लम्बे समय तक जेल में डाला जा सकता था।
  3. यह प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ही भारतीय जनता को नियन्त्रण में करने के लिए लाया गया था।
  4. विश्व युद्ध के बाद इसे खत्म करना था परन्तु सरकार ने इसे बनाये रखा। इसका विरोध भारत की आम जनता ने किया।

प्रश्न 6. गांधी जी ने असहयोग आदोलन को वापस लेने का फैसला क्यों लिया?

उत्तर

  1. असहयोग आदोलन अंहिसा पर आधारित था।
  2. आदोलनकारियों में निरसता आ गई थी।
  3. चौरा-चौरी में आंदोलनकारियों द्वारा 22 पुलिस वालों को चौकी में जिंदा जलाया जाना।

प्रश्न 7. गाँधी-इरविन समझौते की विशेषताएं बताइए?

उत्तर

  1. 5 मई 1931 ई० को गाँधी इरविन समझौता।
  2. सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया जाय।
  3. पुलिस द्वारा किए अत्याचारों की निष्पक्ष जाँच की जाय।
  4. नमक पर लगाए गए सभी कर हटाए जाएँ।

प्रश्न 8. सविनय अवज्ञा आदोलन पर टिप्पणी लिखो?

उत्तर

  1. गाँधी जी ने सन् 1930 को दांडी नामक स्थान पर नमक कानून तोड़कर शुरू किया।
  2. 1934 तक आंदोलन का चलना।
  3. गाँधी जी ने विद्यार्थियों को स्कूल एवं कॉलेजों, विद्यायकों विधान पालिका विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार आरंभ करना।
  4. स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना।
  5. मुस्लिम एकता पर बल देना।

प्रश्न 9. 1916 ई० के लखनऊ समझौते का क्या महत्व था? उत्तर

  1. कांग्रेस के नरम दल और गरम दल का एक मंच पर आना।
  2. कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता
  3. दोनो ने संयुक्त होकर अंग्रेजो से अपनी मांगों को लेकर सामना करना।
  4. बाल गंगाधर तिलक का इसमें बड़ा योगदान था।

प्रश्न 10. अल्लूरी सीताराम राजू कौन थे? असहयोग आंदोलन में उनके योगदान को बताइये?

उत्तर- अल्लूरी सीताराम राजू ने आंध्र प्रदेश की गुडेम पहाड़ियों के आदिवासी किसानों का नेतृत्व किया।

  1. ये एक रोचक व्यक्ति थे। इन्हें खगोलीय ज्ञान प्राप्त था।
  2. लोगो का मानना था कि उनके पास विशेष शक्तिया है जिससे वह लोगो को स्वस्थ कर सकते हैं।
  3. ये गाँधी जी के प्रशंसक थे।
  4. उन्होंने लोगो को खादी पहनने तथा शराब छोड़ने को कहा। 5. उन्होंने हिंसा द्वारा ही अपनी बात मनवाने को कहा।
  5. 1924 को राजू को फांसी पर लटका दिया गया।

प्रश्न 11. असहयोग आंदोलन आरंभ किए जाने के क्या कारण थे ? इस आदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों की हिस्सेदारी पर प्रकाश डालिए। इसके कार्यक्रम कार्यपद्धति, प्रगति एवं अंतत: समाप्ति को समझाइए।

उत्तर-आदोलन क कारण:

  1. प्रथम महायुद्र की समाप्ति पर अंग्रेजों द्वारा भारतीय जनता का शोषण।
  2. अंग्रेजों द्वारा स्वराज प्रदान करन से मुकर जाना।
  3. रॉलेट एक्ट का पारित होना
  4. जलियाँवाला बाग हत्याकांड
  5. कलकत्ता अधिवेशन में 1920 में कांग्रेस द्वारा असहयोग आदोलन का प्रस्ताव बहुमत से पारित।

विभिन्न वगाँ की हिस्सेदारी:

  1. शहरों में आन्दोलन
  2. ग्रामीण इलाकों में विद्रोह
  3. आदिवासी क्षेत्रों में विद्रोह
  4. बागानों में स्वराज

कार्यपद्धति, प्रगति

  1. चरणबद्ध योजना प्रक्रिया।
  2. प्रथम चरण – सरकारी पदवियों, नौकरियों, सेना, पुलिस, स्कूलों, विद्यार्थी परिषदों व विदेशी वस्तुओं का त्याग।
  3. दूसरा चरण – व्यापक स्तर पर सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ होना शामिल था।

समाप्ति – गाँधी जी द्वारा चौरी-चौरा में हुई हिंसक घटना के फलस्वरूप आंदोलन वापस ले लिया गया।

प्रश्न 12. खिलाफत आदोलन को प्रारम्भ करने के मुख्य कारण कौन से थे? भारतीय राष्ट्र आदोलन में उसका क्या योगदान था ?

उत्तर-तुकों साम्राज्य (खलीफा) का अंग्रेजों द्वारा अपमान। लखनऊ समझौते (1916) के बाद कांग्रेस के साथ मुस्लिम लीग का समझौता। असहयोग आदोलन कांग्रेस द्वारा आरंभ होना तथा मुसलमानों को मिलाकार खिलाफत आंदोलन के साथ करना। योगदान :

  1. हिंदुओं और मुसलमानों में एकता का बीजारोपण।
  2. राष्ट्रीय आंदोलन को बल मिला।

प्रश्न 13. सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रति लोगों और औपनिवेशिक सरकार ने किस प्रकार प्रतिक्रिया व्यक्त की ? किन परिस्थितियों में गाँधीजी ने सविनय अवज्ञा आदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया।

उत्तर- लोगों ने सरकारी कानूनों को भंग करना शुरू कर दिया। आंदोलन को दबाने के लिए सरकार ने कठोरता से काम लिया। हजारों जेल गए। गाँधीजी को कैद कर लिया गया। अब जनता इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने लगी।

प्रश्न 14. सक्रिय राजनीति में भाग लेने से पूर्व गाँधीजी ने किन-किन स्थानों पर सत्याग्रह आदोलन किए ? इनके प्रारंभ होने के क्या कारण थे?

उत्तर

  1. 1916 में चापास्न सत्याग्रह – नील की खेती करने वाले किसानों के पक्ष में।
  2. खेड़ा सत्याग्रह (1917) – किसानों को लगान में छूट दिलवाने के लिए।
  3. अहमदाबाद में मिल मजदूर हड़ताल (1918)

प्रश्न 15. ‘प्रथम विश्वयुद्ध’ ने एक नई आर्थिक व राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी। समीक्षा कीजिए। उत्तर

  1. प्रथम विश्व युद्र के उपरांत स्वराज देने का वचन नकार दिया गया।
  2. आर्थिक स्थिति दयनीय- बेरोजगारी व बेकारी से मज़दूर, शिल्पकार आदि सभी ग्रसित थे।
  3. युद्ध ने राष्ट्रीयता के भाव जागृत किए। लोग दमनकारी सरकार के विरूद्र एकजुट हुए।

प्रश्न 16. गांधीजी की नमक यात्रा कई कारणों से उल्लेखनीय थी। समीक्षा कीजिए। सविनय अवज्ञा आदोलन की सीमाएं क्या र्थी ? इसके महत्व का वर्णन कीजिए। उत्तर

  1. नमक कर ब्रिटिश सरकार का सबसे दमनात्मक पहलू बताया गया।
  2. गाँधीजी द्वारा विश्वस्त वालंटियरों के साथ नमक यात्रा शुरू। 3. राष्ट्रीय आदोलन से आम आदमी के मुद्दे को जोड़ना।
  3. कानून का उल्लंघन। प्रदर्शन व विदेशी चीजों का बहिष्कार 5. शराब की दुकानों पर पिकेटिंग।
  4. सभी लोग स्वराज की अमूर्त अवधारणा से प्रभावित नहीं थे।
  5. समाज के सभी वर्गों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा नहीं लिया।
  6. समाज के वर्ग एक दूसरे की तरफ संशकित थे।

प्रश्न 17. भारत में राष्ट्रवाद की भावना पनपने में किन कारकों का योगदान था? राष्ट्रवाद के विकास का विश्व पर क्या प्रभाव पड़ा? उत्तर

  1. साहित्य, लोक कथाओं, गीतों व चित्रों के माध्यम से राष्ट्रवाद का प्रसार ।
  2. भारत माता की छवि रूप लेने लगी।
  3. लोक कथाओं द्वारा राष्ट्रीय पहचान।
  4. चिन्हों और प्रतीकों के प्रति जागरूकता। उदाहरण हांडा।
  5. इतिहास की पुनव्यख्यिा ।

प्रश्न 18. असम में बागान मज़दूरों के लिए स्वराज की अवधारणा क्या थी?

उत्तर

  1. अनुबंध के नियमों का उल्लंघन।
  2. चाय बगानों से बाहर निकलना।
  3. असहयोग आदोलन में सम्मिलित होना।
  4. कृषि भूमि तथा सुख सुविधाओं को प्राप्त करना।

प्रश्न 19. भारतीयों ने साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया ?

उत्तर

  1. समय से पहले गठन।
  2. शासन में सुधार जैसी कोई बात नहीं।
  3. एक भी भारतीय शामिल नहीं किया गया।

प्रश्न 20. भारत के लोग रॉलट एक्ट के विरोध में क्यों थे ? उत्तर

  1. यह एक काला कानून था।
  2. इस कानून के अंतर्गत किसी को लंबे समय तक जेल में डाला जा सकता था।
  3. विश्व युद्ध के बाद इसे खत्म करना था पर सरकार ने इसे बनाए रखा। इसका विरोध आम जनता ने किया।

प्रश्न 21. गाँधी इर्विन समझौते की विशेषताएं क्या र्थी ?

उत्तर

  1. 5 मई 1931 ई. को गाँधी इरविन समझौता।
  2. सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया जाये।
  3. पुलिस द्वारा किए अत्याचारों की निष्पक्ष जाँच की जाये।
  4. नमक पर लगाए गए सभी कर हटाए जाएँ।

प्रश्न 22. सविनय अवज्ञा आदोलन असहयोग आदोलन के मुकाबले किस तरह अलग था ? सविनय अवज्ञा आदोलन की विशेषताएं लिखिए। उत्तर

  1. इस बार लोगों को न केवल अंग्रेजों का सहयोग न करने के लिए बल्कि औपनिवेशिक कानूनों का उल्लंघन करने के लिए आह्वान किया जाने लगा।
  2. देश के विभिन्न भागों में हजारों लोगों ने नमक कानून तोड़ा तथा सरकारी नमक कारखानों के सामने प्रदर्शन किए। 3. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया जाने लगा।
  3. किसानों ने लगान और चौकीदारों ने कर चुकाने से इन्कार कर दिया।
  4. वनों में रहने वाले लोगों ने वन कानूनों का उल्लंघन करना आरंभ कर दिया।

प्रश्न 23. 1916 के लखनऊ समझौते का इतिहास में क्या महत्व था ? उत्तर

  1. कांग्रेस के नरम दल और गरम दल का एक मंच पर आना।
  2. कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता।
  3. दोनों का संयुक्त होकर अंग्रेजों से अपनी मांगों को लेकर सामना करना।
  4. बाल गंगाधर तिलक का इसमें बड़ा योगदान था।

प्रश्न 24. सत्याग्रह के विचार का क्या अर्थ है?

उत्तर

  1. सत्य की शक्ति पर आग्रह और सत्य की खोज पर जोर।
  2. प्रतिशोध या बदले की भावना के बिना संघर्ष करना।
  3. अहिंसा के बल पर संघर्ष करना।
  4. उत्पीड़क शत्रु को नहीं बल्कि सभी लोगों को हिंसा की अपेक्षा सत्य को स्वीकार करने पर विवश करना।

प्रश्न 25. अल्लूरी सीताराम राजू कौन थे? असहयोग आदोलन में उनका योगदान बताइए।

उत्तर- अल्लूरी सीताराम राजू ने आध्र प्रदेश की गुडेम पहाड़ियों के आदिवासी किसानों का नेतृत्व किया।

  1. वह एक रोचक व्यक्ति थे। इन्हें खगोलीय ज्ञान प्राप्त था।
  2. लोगों का मानना था कि उनके पास विशेष शक्तियाँ हैं जिससे वह लोगों को स्वस्थ कर सकते हैं।

पाठ-3 भारत में राष्ट्रवाद

लघु/दीर्घ प्रश्न (3/5 अंक)

  1. “सत्याग्रह का विचार आज भी प्रासंगिक है।” इस पर अपनी राय दीजिए।

उत्तर- गाँधी जी द्वारा अन्याय व उत्पीड़न के खिलाफ पूर्णतः नवीन मार्ग सत्याग्रह का ईजाद किया गया। इसका अर्थ है सत्य की शक्ति पर आग्रह । असमें अन्याय व उत्पीड़न के खिलाफ शारीरिक बल की जगह अहिंसा की शक्ति और उसके प्रयोग पर बल दिया गया है। यदि सभी लोग निर्भय होकर अहिंसात्मक प्रतिरोध करे तो मेरी नजर में यह कारगर तरीका है। भारत, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका का नागरिक अधिकार आन्दोलन इसका उदाहरण है। यदि इसमें असफता मिलती भी है तो यह रणनीति की

कमी और इच्छा शक्ति के अभाव के कारण होता है।

  1. जलियावाला बाग हत्याकाण्ड ने ब्रिटिश शासन की नैतिकता को ध्वस्त कर दिया। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-13 अप्रैल 1919 को जलियावाला बाग में निहत्थे लोगों के नरसंहार की घटना ने ब्रिटिश शासन के नैतिक दावों को ध्वस्त कर दिया। जनरल डायर के हथियार बंद सैनिकों के कृत्य ने ब्रिटिश शासन के लोकतांत्रिक मुखौटे को उतार दिया जिसमें निहत्थे लोगों पर गोलीबारी की गई। सभ्यता लोकतंत्र और आधुनिकता के प्रसार का दावा करने वाली ब्रिटिश हुकूमत इस कार्य को लोगों की नज़र में वैध साबित नहीं कर पाई और आम लोगों को अपने खिलाफ कर लिया।

  1. खिलाफ़त आन्दोलन को समर्थन देकर गांधी ने किस प्रकार की दूरदर्शिता का परिचय दिया।

उत्तर

  1. ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ लागों के गुस्से को समझकर उसे दिशा देने का कार्य किया।
  2. दो बड़े समुदायों हिन्दू और मुस्लिमों के बीच एकता कायम करने के सूनहरे मौके के रूप में देखा।
  3. असहयोग आन्दोलन के रूप में एक बड़े आन्दोलन को जन्म दिया।
  4. सविनय अवज्ञा आन्दोलन की सीमाएं वास्तव में राष्ट्रीय आन्दोलन की असफलता को प्रकट करती थी? समझाइए।

उत्तर- सभी सामाजिक समूह गाँधी की स्वराज की अमूर्त धारणा से प्रभावित नहीं थे तथा उन्होंने सविनय अवज्ञा आन्दोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा नहीं लिया। जो निम्न थे1. अछूत वर्ग के अनुसार कांग्रेस रूढ़िवादी हिन्दुओं के दबाव में सामाजिक परिवर्तन के मुद्दे पर ज़्यादा सक्रिय नहीं थी। यद्यपि

गाँधी द्वारा अछूतों को हरिजन नाम दिया गया। किन्तु दलित समुदाय अंबेडकर के नेतृत्व में अलग राजनीतिक हल

तलाशने में लगा था उसने गाँधी के आन्दोलन को संशय की दृष्टि से देखा और आन्दोलन में कम हिस्सा लिया। 2. बहुत से मुस्लिम संगठनों ने भी आन्दोलनों में रूचि नहीं दिखाई। असहयोग खिलाफ़त आन्दोलन के शांत पड़ जाने से बहुत से मुस्लिम कांग्रेस से कटा हुआ महसूस करने लगे। हिन्दू मुस्लिम संबंधों में गिरावट आने लगी। प्रथक प्रतिनिधित्व की बात उठाई गई। भावी राष्ट्र में हिन्दू बहुसंख्या के वर्चस्व का भय कांग्रेस मुस्लिमों के मन से दूर नहीं कर पाई। तथा मुस्लिम आन्दोलन से बड़ी संख्या में दूर रहे। यह न केवल आन्दोलनों की विफलता थी अपितु राष्ट्रीय आन्दोलन की बड़ी सीमा थी।

  1. जनता द्वारा किया गया असहयोग किस प्रकार साम्राज्यवादी शक्तियों की परेशानी का कारण बन जाती है। गांधी जी द्वारा चलाए गए असहयोग आन्दोलन के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।

उत्तर- गाँधी जी का मानना था कि भारत में ब्रिटिश शासन भारतीयों के सहयोग से ही स्थापित हुआ था और यह इसी सहयोग के कारण ही चल पा रहा है। अगर भारत के लोग अपना सहयोग वापस ले ले तो सालभर में ब्रिटिश शासन ढह जाएगा। 1920 में गाँधी जी द्वारा शुरू किया गया असहयोग आन्दोलन इसे व्यक्त करता था। शहरों में पिकेटिंग, बहिष्कार, धरने , विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई। 1921 से 1922 के बीच कपड़ों के आयात में आधी कमी आ गई। ग्रामीण इलाकों में लगान बंदी और किसान संघर्ष शुरू हुए। इन सबसे ब्रिटिश शासन को भारी नुकसान हुआ और वह दमन पर उतारू हो गई।

  1. आज के समय में गांधी जी की विचारधारा का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर

  1. आज के लोकतांत्रिक युग में हिंसात्मक तरीकों को ठीक नहीं माना जाता। गाँधी जी अहिंसात्मक तरीकों के समर्थक थे।
  2. गाँधी जी की विचारधारा शारीरिक हिंसा की अपेक्षा नैतिक बल पर जोर देती है जो कमज़ोर तबकों, दलितों, महिलाओं के अनुकूल है।
  3. गाँधीवादी विचारधारा शोषण के विरूद्ध समानता बंधुत्व, प्रेम पर आधारित है जिसकी आज के समय में ज़रूरत है।
  4. गाँधीवादी तरीकों की सफलता पूरी दुनिया में देखी जा सकती है। जैसे- दक्षिण अफ्रीका की आज़ादी।
  5. सामूहिक अपनेपन की भावना को पैदा करने के लिए जिन प्रतिकों, छवियों का सहारा लिया गया उनकी क्या सीमाएं थी?

उत्तर- बहुत सी सांस्कृतिक प्रक्रियाओं के जरिए लोगों में राष्ट्रवाद से जोड़ने के लिए विभिन्न देशों की तरह भारत में भी राष्ट्र की कई छवियों प्रतिकों को गढ़ा गया। बंकिमचन्द्र द्वारा मातृभूमि की वन्दना में लिखा गया वन्देमातरम्, रविन्द्र नाथ द्वारा भारत माता की छवि का चित्रण, राष्ट्रीय ध्वज की रचना, इतिहास की पुनर्व्याख्या आदि इसे प्रकट करती है। लेकिन इन सब कोशिशों की अपनी सीमाएं थी। जिस अतीत का गौरवगान किया जा रहा था वह हिन्दुओं का अतीत था जिन छवियों का सहारा लिया जा रहा था वे हिन्दू प्रतीक थे इसीलिए अन्य समुदायों के लोग अलग-थलग महसूस करने लगे थे।

bihar board vvi question 2022 भारत में राष्ट्रवाद

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